प्रकृति की सुंदरता का तो हर व्यक्ति कायल होता है। अब जब बात प्रकृति की सुंदरता से घर को सज़ाने की आती है तो, हरे-भरे और खूबसूरत रंग-बिरंगे फूलों वाले पेड़-पोधों से घर को सुशोभित करने का विचार ही सबसे पहले आता है।

प्रकृति की सुंदरता ही तो घर की सुंदरता पर चार चांद लगाती है। यदि आप भी प्रकृति की सुंदरता से अपने घर की सुंदरता को बढ़ाते हुए पेड़-पौधों को घर की क्यारियों में लगाना पसंद करते हैं तो, यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी हो सकता है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में हरे-भरे पेड़-पौधों के होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश स्वतः ही होता है। स्वच्छ वातावरण के साथ शुद्ध हवा के लिए भी हरे पेड़-पौधे घर की वाटिका में या घर की बालकनी में गमलों में सजते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ही हरे-भरे इन पौधों की सुंदरता आपके घर में आने वाली खुशहाली का कारण तभी बनती है जब आपके द्वारा सही पेड़-पौधों का चुनाव किया जाए।
तो चलिए आज आपको बताते हैं कि वास्तु के अनुसार आपको अपने घर में कौन से पेड़-पौधे रखने चाहिएः

तुलसी का पौधाः पौधों की बात करते ही तुलसी के पौधे का जिक्र सबसे पहले होता है। घर में तुलसी का पौधा होना लक्ष्मी के होने के समान माना जाता है। पूजा के कार्यों में भी तुलसी का वंदन होता है। वहीं तुलसी के पत्ते सर्दी-खाँसी में एक बढ़िया होम रेमडी भी होती है। घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने में तुलसी का पौधा उपयोगी होता है। सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए तुलसी के पौधे की एक सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व मानी जाती है।

अश्वगंधा का पौधाः अश्वगंधा का पौधा घर में होना वास्तु की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। अश्वगंधा का पौधा समस्त वास्तु-दोषों को भी खत्म करता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए भी यह पौधा लाभदायी है। अश्वगंधा का पौधा भी लोकप्रिय आयुर्वेदिक औषधि है।

आँवले का पेड़ः यदि आपके घर में भी वाटिका है तो अलग-अलग पेड़-पौधों के साथ आँवले के पेड़ को भी अपनी वाटिका में जगह दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह माना जाता है कि आँवले के वृक्ष में सभी देवताओं का वास होता है। आँवले के वृक्ष की पूजा करने से सभी मनोरथ पूरे होते हैं।

अशोक का पेड़ः धार्मिक मान्यताओं में अशोक के पेड़ का बड़ा महत्व माना जाता है। ऐसा समझा जाता है कि अशोक का अर्थ ही शोक का अंत होना होता है। ऐसे में घर के सदस्यों के बीच मधुर संबंधों व घर की सुख-शांति के लिए अशोक का पेड़ आपकी वाटिका में होना वास्तु की दृष्टि से उचित समझा जाता है।

गुड़हल का पौधाः वास्तुशास्त्र में गुड़हल के पौधे का संबंध सूर्य देव व मंगल देव से होता है। घर में पर्याप्त धूप वाले जगह पर गुड़हल के पौधे को जगह दें। गुड़हल को जल में लगाकर सूर्य को अर्ध्य देने से घर के सभी विकार खत्म हो लगते हैं।

नीम का पेड़ः नीम के पेड़ को भी वास्तु की दृष्टि से शुभ माना जाता है। नीम के औषधीय फायदे भी अनेक होते हैं। इसके साथ ही नीम का पेड़ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसलिए घर की वाटिका में नीम के पेड़ को जगह जरूर दें।