
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने एक ऐसी बात कही है जिसे सुनकर आपकी नींद उड़ सकती है, जी हां (WHO) ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों को ऐसी परस्थितियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए जिसमें ये संक्रमण (Covid-19) कभी ख़त्म ही न हो. और दुनिया को इसके साथ ही जीने की आदत डालनी पड़े ।

बता दें कि WHO के आपातकालीन मामलों के निर्देशक माइकल रयान ने जेनेवा में एक वर्चुएल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुधवार को कहा कि कोरोना हमारे बीच कभी ख़त्म ही ना हो.’ उन्होंने एचआईवी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वायरस से लोग आज भी जूझ रहे हैं, आज भी ये ख़त्म नहीं हुआ है ।
Media briefing on #COVID19 with @DrTedros https://t.co/euggX435FQ
— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 13, 2020
इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेडरॉस एडहनॉम गिब्रयेसॉस ने कहा था कि वैक्सीन बनाने का कम तेजी से चल रहा है और कम से कम 100 वैक्सीन बनाने की कोशिशों पर काम चल रहा है. इनमें से 7 से 8 ऐसी हैं जो कि मंजिल के काफी करीब हैं. बता दें कि सिर्फ WHO ही नहीं दुनिया भर के एक्सपर्ट आशंका जता रहे हैं कि ऐसी कोई वैक्सीन कभी तैयार ही नहीं हो पाएगी. दुनिया भर के देशों ने अपने यहां लॉकडाउन में ढील देना शुरू कर दिया है जिसके बाद टेडरॉस ने चेतावनी दी है कि इससे संक्रमण की बढ़ती रफ़्तार और देखने को मिल सकती है। टेडरॉस ने कहा, ‘कई देश मौजूदा लॉकडाउन स्थिति से बाहर निकलने के लिए अलग-अलग तरीक़ा अपना रहे हैं. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया के सभी देशों को अलर्ट पर रहने की सलाह दे रहा है. प्रत्येक देश को अब भी सबसे उच्चतम स्तर पर अलर्ट रहने की ज़रूरत है।

रयान ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जो देश ख़ुद को लॉकडाउन के लिए खोल रहे हैं वहां बहुत ‘जादुई सोच’ काम कर रही है. रयान के मुताबिक़ अभी जन जीवन सामान्य होने में काफ़ी लंबा समय लगेगा

रयान ने कहा, ‘हमें वास्तविकता के साथ सोचना होगा, यह महत्वपूर्ण भी है. मेरे ख्याल से अभी कोई नहीं बता सकता कि ये वायरस कब तक मौजूद रहेगा. इसको लेकर कोई वादा नहीं किया जा सकता है और ना कोई तारीख़ तय की जा सकती है.’ माइकल रयान ने यह भी कहा कि इस वायरस का निदान ढूंढ़ना एक लंबी प्रक्रिया है और हो सकता है कि कभी पूरी भी ना हो, रयान के मुताबिक़ अगर कोविड-19 की वैक्सीन तैयार भी हो जाती है तो उसे दुनिया भर में पहले टेस्ट करना होगा और कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए बहुत बड़े प्रयास की ज़रूरत आने वाले दिनों में भी पड़ेगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दी गई ये चेतावनी लोगों को डरा सकती है, लेकिन इस बीमारी से हमें डरना नहीं बल्कि इसका हिम्मत के साथ मुकाबला करना होगा।