जानें स्वास्थ्य बीमा के लाभ इंश्‍योरेंस एडवाइजर गोपाल धामी के साथ

बहुत सारे लोग अपनी वित्तीय योजना बनाते टाइम विशेषज्ञों कि सलाह लेते हैं जिसमें वह भी सबसे पहले जीवन बीमा और स्वास्थय बीमा में निवेश करने की सलाह देते हैं। IRDA सर्टिफाइड इंशूरेंस एडवाइजर गोपाल धामी भी पिछले दस वर्षों से इस कार्य में कार्यरत हैं और वह भी पाठकों को स्वास्थ्य बीमा के लाभ के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
कई लोग अपनी जिंदगी में बेहतर कमाते हैं और अच्छा खासा सेविंग भी कर लेते हैं। वह पैसे का निवेश कहीं ना कहीं लगातार करते रहते हैं परंतु वह अपनी स्वास्थ्य के प्रति कम सजग होते हैं। वह यह मानकर चलते हैं कि वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं उन्हें कुछ नहीं होगा। यही कारण है कि वह स्वास्थ्य बीमा को जरूरी नहीं मानते हैं पर जरा सोचिए जब तक जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा होता है तब तो आपको मेडिक्लेम की जरूरत महसूस नहीं होती है लेकिन, स्वास्थ्य के बारे में किसी तरह का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. बीमारी बिन बुलाए मेहमान की तरह होती है, वह कभी बताकर नहीं आती है। आजकल बीमारियां भी सस्ती नहीं रही हैं।हर परिवार की आर्थिक स्तिथि अलग – अलग होती है।  क्या पता संकट की घड़ी में आपके पास पर्याप्त कैश उपलब्ध हो या ना हो। हॉस्पिटल में भी डिस्काउंट ऑफर नहीं चलते हैं और ना ही डॉक्टर्स बीमारी का इलाज अमीर या गरीब देखकर करते हैं। ऐसे में इंसान के सामने घर की महंगी वस्तुएं बेचने तक की नौबत तक आ जाती है या फिर अनचाहा कर्ज उठाना पड़ता है जिसे चुकाने में इंसान टूट जाता है।
कई बार व्यक्ति के अचानक बीमार पड़ने पर उसकी बचत का काफी हिस्सा खर्च हो जाता है. मेडिक्लेम इस तरह की स्थिति में आपके लिए काफी लाभदायक साबित होता है।
COVID 19 effect: Surge in health insurance policies
क्या है हेल्थ इंश्योरेंस?
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपके और बीमा कंपनी के बीच का एक अनुबंध होता है। इसमें आप एक प्रीमियम चुकाते हैं और उसके बदले बीमा कंपनी आपको किसी बीमारी की स्थिति में पहले से तय रकम के अनुसार इलाज का खर्च देती है. यह एक तरह से अच्छे समय में किया गया वह निवेश मानकर चलिए जो बुरे समय में आपके काम आता है।
कौन ले सकता है स्वाथ्य बीमा?
1. जो अपने परिवार से प्यार करता है।
2. जो मानसिक शांति पसन्द करता हो।
3. जो आयकर (80 D) में छूट लेना चाहते हो। इनकम टैक्स में बचत
हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम चुकाने पर आपको इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80D के तहत 25000 रुपये के प्रीमियम तक पर छूट मिलती है।
कब ले सकते है स्वास्थ्य बीमा?
स्वास्थ्य बीमा लेने में कोई देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि स्वास्थ्य बीमा तब लें जब आपको इसकी आवश्यकता ना हो, क्योंकि जब आपको इसकी जरुरत होगी तब स्वास्थ्य बीमा आपको नहीं मिल पाएगा या प्रीमियम ज्यादा होगा।
सबकुछ जानकार भी अंजान बनना उचित नही, की मैं या मेरा परिवार बीमार नहीं पड़ सकता l अगर आपका पास एक अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस है तो आपको इलाज के दौरान पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियों का विभिन्न हॉस्पिटलों से टाई-अप रहता है। इससे आप अपना उपचार कराने के लिए कैशलेस सुविधा मिल जाती है। यानी अपने इंश्योरेंस की जानकारी हॉस्पिटल को देना होता है ,हर हॉस्पिटल में बीमा कंपनियों के पैनल होते हैं। आपको उनसे संपर्क करके अपना पॉलिसी नंबर देना होता है।
भर्ती होने से पहले और बाद का कवरेज
इंश्योरेंस पॉलिसी में हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले, उसके दौरान और हॉस्पिटल से छुट्टी होने के 60 से 180 दिनों के बाद तक की अवधि को कवर किया जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कौनसा प्लान लिया है। यानी प्लान लेने में सावधानी बरतनी चाहिए। पहले प्लान की टर्म एंड कंडीशन अच्छी से समझ लेना चाहिए।
ट्रांसपोर्टेशन खर्च
इंश्योरेंस पॉलिसी में मरीज को हॉस्पिटल तक लाने में एंबुलेंस का जो किराया होता है, वो भी कवर होता है।
नो क्लेम बोनस (एनसीबी)
जिस व्यक्ति का बीमा है, अगर उसने पिछले वर्ष कोई क्लेम फाइल नहीं किया है तो उसे कुछ बोनस प्वाइंट मिलते हैं।हर कंपिनयों का प्लान के आधार पर अलग अलग होता है।
फ्री मेडिकल चेकअप
इंश्योरेंस पॉलिसी में हेल्थ चेकअप का भी विकल्प होता है। कई बीमा कंपनियां आपके पिछले एनसीबी के आधार पर भी हेल्थ चेकअप की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। आपको हेल्थ चेकअप का लाभ उठाना चाहिए, ताकि आप किसी भी गंभीर बीमारी से सुरक्षित भी रह सकें।
हेल्थ इंश्योरेंस के प्रकार
व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा: इस पॉलिसी में जिस व्यक्ति ने हेल्थ इंश्योरेंस लिया है, उसकी बीमारी पर खर्च होने वाली राशि और हॉस्पिटल में भर्ती होने का खर्च सम्मिलित होता है। जिस व्यक्ति ने बीमा कराया है, उसकी आयु के आधार पर इसका प्रीमियम निर्धारित होता है।
परिवार स्वास्थ्य बीमा योजना
इसमें एक पॉलिसी के अंतर्गत परिवार के सभी सदस्यों का विभिन्न बीमारियों के लिए बीमा कराया जाता है। इसमें बीमा कंपनी की ओर से एक निश्चित राशि निर्धारित होती है, जिसका उपयोग परिवार के सभी सदस्यों या एक सदस्य द्वारा किया जा सकता है।
सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस प्लान
यह पॉलिसी बुजुर्गों या उन लोगों के लिए होती है, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। यह उम्रदराज लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के विरुद्ध सुरक्षा उपलब्ध कराती है।
सर्जरी और गंभीर बीमारियों के लिए इंश्योरेंस प्लान
यह प्लान उन लोगों के लिए बहुत उपयुक्त है, जिन्हें किडनी फेलियर, पैरालिसिस, कैंसर, हार्ट अटैक आदि गंभीर बीमारियों के लिए उपचार की आवश्यकता है। चूंकि इन स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार बहुत मंहगा होता है, इसलिए इसमें प्रीमियम भी अधिक आता है।
निजी दुर्घटना बीमा
यह पॉलिसी दुर्घटना होने की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करती है। प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि आप कवर के रूप में कितनी राशि चाहते हैं।
इस बात का रखें ध्यान
पॉलिसीधारक को पॉलिसी लेने से पहले कंपनी की विश्वनीयता उसकी इतिहास और रिकॉर्ड के बारे में मोटी मोटी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य बीमा आपको मुसीबत में आपका साथ तो देता ही हैं साथ मे आपके पूरे परिवार को भी कवर करता है और आपकी वित्तीय संकट को भी कम करता है।
अभी के टाइम में हम किस दौर से गुजर रहे हैं ये किसी से छुपा नही है और आजकल हॉस्पिटल के कितने महँगे इलाज हैं ये भी सबको पता है,इन सबके बावजूद भी भारत मे अभी हेल्थ इन्सुरेंस बहुत लोगों के पास नही या तो अभी यहाँ पर जागरूकता नही है।