‘वोकल फॉर लॉकल’ के ‘प्रसिद्ध ब्रांड’ ‘35वें हुनर हाट-2021’ का शुभारंभ उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, वन और जलवायु परिवर्तन एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपवेंद्र यादव, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी एवं केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी द्वारा नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया गया।

बता दें कि ‘हुनर हाट-2021’ का यह 35वां संस्करण है, जो 14 दिनों तक चलेगा, इसमें 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 700 से ज्यादा दस्तकार व शिल्पकार, कारीगर एवं पारम्परिक पकवानों के उस्ताद शिरक्त कर रहे हैं।

हुनर हॉट मेले के उद्घाटन अवसर पर पहुंचे श्री नकवी ने कहा कि ‘हुनर हॉट’ देश की स्वदेशी दस्तकारी,, शिल्पकारी की विरासत बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा देश की हुनर की विरासत को नई ऊर्जा, के साथ मार्किट भी मुहैया करा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘हुनर हॉट’ ने पिछले लगभग 6 वर्षों के दौरान 7 लाख हजार से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इनमें से 40 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। इस बार हुनर हॉट में विश्वकर्मा वाटिका, मेरा गांव मेरा देश, बावर्चीखाना सेक्शन में 40 लोगों की तन टीम व्यवस्था में लगी हैं। बिना मास्क के दर्शकों की एंर्टी पर रोक है।

वहीं अगर मनोरंजन और संगीत से जुड़ी शख्सियतों की बात करें तो इनमें गायक पकंज उधास, अल्ताफ राजा, दलेर मेहंदी, सुरेश वाडेकर, सुदेश भोसले, कविता कृष्णमूर्ति, अमित कुमार, मनोज तिवारी, पवन सिंह, भूमि त्रिवेदी, मोहित खन्ना, जसवीर जस्सी, प्रिया मलिक, रेखा राज सहित अन्य मशहूर कलाकारों के विभिन्न सांस्कृतिक-गीत-संगीत के कार्यक्रमों दर्शक आनंद उठा सकेंगें।

35वें ‘हुनर हॉट’ में असम, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, लद्दाख, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, नागालैंड, मेघालय, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, गोवा, पांडुचेरी, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, चंडीगढ़, हरियाणा सहित 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 700 से ज्यादा दस्तकारों और शिल्पकारों ने भाग लिया है। ये कलाकार अपने साथ हस्तनिर्मित शानदार एवं दुर्लभ स्वदेशी उत्पाद लेकर आए हैं। वहीं ‘हुनर हाट’ के बावर्चीखाने में देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन पूरे भारत के हर क्षेत्र के जायके का स्वाद देंगें।