दो कदम ही सही, साथ चलने का कोई वादा तो करो तुम
उम्र भर ही ना सही, कुछ समय साथ रहने का इरादा तो करो तुम
तुम्हारे साथ रहने से रौशन, हो जाती है सब वादियां
इन वादियों को रौशन, करने का इरादा तो करो तुम
प्यार सिर्फ़ पाने का नाम नहीं, ये तो रिश्ता है रुह का
फिर मेरी रुह में बसने, का इरादा तो करो तुम।।
जिंदगी भर साथ चलो ना चलो, कुछ कदम ही सही
साथ चलने का इरादा, तो करो तुम
मिलेगी तन्हाई या मोहब्बत, इस बात पर गौर ना करो
मोहब्बत करने का, वादा तो करो तुम
दो कदम ही सही, साथ चलने का कोई वादा तो करो तुम।।
जो सोचकर की जाये, वो मोहब्बत कहां होती है
जेब और सूरत देखकर की जाये,वो मोहब्बत कहां होती है
ये तो वो, जज्बात है
जो अचानक से, दस्तक देता है
इस दस्तक को पहचाने की, कोशिश तो करो तुम
उम्र भर ना सही, कुछ समय साथ रहने का इरादा तो करो तुम
मेरे दिल में हमेशा रहने का, वादा तो करो तुम।।
Writer- Kalpana Chauhan