कुछ है जो तुमसे, जोड़कर रखता है
तुम्हारा ख़्याल हमें, इस जहां से जाने से रोक कर रखता है
तुम साथ ना हो , तभी तुम्हें महसूस करते हैं हम
है अधूरा सा रिश्ता हमारा, फिर भी पूरा सा लगता है
जन्मों का लगता है, फ़साना हमारा
जन्मों का लगता है, याराना हमारा
तुम वो हो जिसे देखकर, दिन बनता और बिगडता है
तुम्हारी आवाज से ही, दिल सभंलता है
कुछ है जो तुमसे, जोड़कर रखता है
तुम्हारा ख़्याल हमें, इस जहां से जाने से रोक कर रखता है।।
Writer- Kalpana Chauhan