Love Poetry: रिश्तों का आईना
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
कभी हसाती तो, कभी रुलाती है जिंदगीअच्छे बुरे पहलुओं से, मिलाती है जिंदगीकौन अपना और, कौन बेगाना हैये वक़्त के साथ, बताती है जिंदगी।। कुछ [Read More]
रिश्तों में प्यार बना रहे, इसलिए त्यौहार होते हैंजो भूल गए हैं एक -दूसरे को, उन्हें मिलाने के लिए त्यौहार होते हैंत्यौहार तो बस जरिया [Read More]
ख़ामोशियों में तब्दील हो जाये कोई रिश्ताउसे टूटने में देर नहीं लगतीअल्फ़ाज कम पड़ जायें गुफ्तगु करने के लिए, तो राहें बदलने में देर नहीं [Read More]
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