कभी हसाती तो कभी रुलाती है जिंदगी

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कभी हसाती तो, कभी रुलाती है जिंदगी
अच्छे बुरे पहलुओं से, मिलाती है जिंदगी
कौन अपना और, कौन बेगाना है
ये वक़्त के साथ, बताती है जिंदगी।।

कुछ पत्ते वक़्त के साथ, टूटकर बिखर गए
कुछ पत्तों को, टूटना बाकी है
कौन अपना और, कौन बेगाना है
ये वक़्त के साथ, बताती है जिंदगी।।

पेड़ो के पत्तों की तरह, होते हैं रिश्ते
जिन्हें सहेजना, सिखाती है जिंदगी
कभी हसाती तो, कभी रुलाती है जिंदगी
अच्छे बुरे पहलुओं से, मिलाती है जिंदगी।।

Writer- Kalpana Chauhan