Love Poetry: रिश्तों का आईना
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
कभी हसाती तो, कभी रुलाती है जिंदगीअच्छे बुरे पहलुओं से, मिलाती है जिंदगीकौन अपना और, कौन बेगाना हैये वक़्त के साथ, बताती है जिंदगी।। कुछ [Read More]
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