Lohri 2022 : जानें लोहड़ी का महत्व, समय और इससे जुड़ी कहानी

lohari-festival-2022
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Lohri 2022 :   लोहड़ी का त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। वैसे तो इस त्यौहार को सिख धर्म के लोग मनाते हैं। लेकिन अब सभी धर्मों के लोग इसे मनाने लगे हैं लोहड़ी((Lohri 2022) का त्यौहार मकर संक्रान्ति से एक दिन पहले मनाया जाता है। हर साल लोहड़ी का त्योहार 13 जनवरी को मनाया जाता है, चलिये जान लेते हैं।

लोहड़ी बृहस्पतिवार, जनवरी 13, 2022 को
लोहड़ी संक्रान्ति का क्षण – 02:43 जनवरी 14

लोहड़ी का महत्‍व :

यह त्योहार हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है, ये त्योहार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और कश्मीर में रूप से मनाया जाता है। पंजाब में ये त्‍योहार काफी महत्‍वपूर्ण है काफी दिन पहले से लोग इसे मनाने की तैयारी करने लगते हैं, इस दिन लोग आग जलाते हैं, खील, बताशे, रेवडियां और मूंगफली उसमें डालते हैं और प्रसाद की तरह इसे खाते हैं. लोहड़ी की आग के चारो तरफ नाचते-गाते हैं।

लोहड़ी की कहानी:

लोहड़ी की कथा भगवान शिव और देवी सती के जीवन से जुड़ी है, कथा के अनुसार माता पार्वती के पिता प्रजापति दक्ष ने यज्ञ आयोजन किया और अपने दामाद भगवान शिव को इस यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया। इससे नाराज होकर देवी सती अपने पिता के घर पहुंची और वहां पति भगवान शिव के बारे में कटु वचन और अपमान सुन वह यज्ञ कुंड में समा गईं। ऐसी मान्यता है कि उनकी याद में ही अग्नि जलाई जाती है, इस दिन वैवाहिक पुत्रियों को मायके से उनके ससुराल भेजा जाता है। इसमें रेवड़ी, मिठाई औऱ मूंगफली से लेकर कपड़े फल आदि चीजें भी शामिल हैं।