जानें कब है सकट चौथ, पूजा करते समय रखें इन ख़ास बातों का ध्यान

Sankashti Chaturthi 2021
Sankashti Chaturthi 2023
Sankashti Chaturthi 2023

हर साल माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का त्यौहार मनाया जाता है, सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। सकट चौथ को संकट चौथ, तिल-कुट चौथ, वक्र-टुंडी चतुर्थी और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। मान्यताओं की मामें तो इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है।

सकट चौथ तारीख और शुभ मुहूर्त:
सकट चौथ मंगलवार, जनवरी 10, 2023
सकट चौथ के दिन चन्द्रोदय समय – रात 08 बजकर 41 मिनट पर
चतुर्थी तिथि – जनवरी 10, 2023 को दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से शुरु
चतुर्थी तिथि समाप्ती – जनवरी 11, 2023 को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी

सकट चौथ पूजा विधि:
सकट चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके लाल रंग के वस्त्र पहनें। उसके बाद भगवान गणेश की पूजा करें। दिनभर निर्जला उपवास करें। रात में चांद को अर्घ्य दें, गणेश जी की पूजा करने के बाद फिर फलहार करें। संभव हो तो व्रत में मीठा ही खायें, सेंधा नमक का भी सेवन ना करें। पूजा के समय गणेश मंत्र का जाप करते हुए 21 दुर्वा प्रभु श्री गणेश को अर्पित करना भी बेहद शुभ होता है। गणेश जी को लड्डू बेहद पसंद हैं, इसलिए पूजा में बेसन के लड्डू का भोग लगा सकते हैं। लड्डू के अलावा इस दिन गन्ना, शकरकंद, गुड़, तिल से बनी वस्तुएं, गुड़ से बने हुए लड्डू और घी चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।
व्रत के समय बरतें ये सावधानियां
भगवान गणेश को भूलकर भी ना करें तुलसी अर्पित..
भगवान गणेश की पूजा में कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश को दूर्वा घास बहुत ही पंसद होती है। ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए पूजा में उन्हें दूर्वा घास अर्पित करनी चाहिए।
पूजा करते समय काले वस्त्र पहनने से बचें…
हिंदू धर्म में काले वस्त्र पहनकर पूजा करना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए किसी भी शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान करते समय काले रंग के कपड़े पहनना वर्जित माना जाता है। ऐसे में सकट व्रत करते समय महिलाएं भूलकर भी काले रंग के कपड़े न पहनें। पूजा के करते समय आपको पीले या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ रहेगा।
अर्घ्य देते समय इस बात का रखें ध्यान…
सकट चौथ व्रत के दौरान भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान है। ऐसे में जब भी आप चंद्रमा को अर्घ्य दें तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अर्घ्य के दौरान आपके पैरों में जल के छींटे न पड़ें।
चांद को अर्घ्य दिए बिना व्रत ना खोलें..
गणेश जी की पूजा करने के बाद चांद के दर्शन करते हुए उन्हें अर्घ्य दिया जाता है, इसलिए बिना चंद्रमा को अर्घ्य दिए व्रत नहीं खोलना चाहिए।