Hindi Poetry,Story
हम से दूर कैसे रह पाओगे
हम से दूर कैसे रह पाओगेहमारी मोहब्बत को कैसे भूलाओगेयूं तो मिलेगें ना जानें कितने ही हमसफरलेकिन हमारे जैसा हमसफर कहां से लाओगे।। ‘दुनिया में [Read More]
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हम से दूर कैसे रह पाओगेहमारी मोहब्बत को कैसे भूलाओगेयूं तो मिलेगें ना जानें कितने ही हमसफरलेकिन हमारे जैसा हमसफर कहां से लाओगे।। ‘दुनिया में [Read More]
‘मुझे गुलाबी रंग अच्छा लगता है’इश्क़ तो सब करते हैंमुझे तेरा इश्क़े अंदाज़ अच्छा लगता है।।Writer- Kalpana Chauhan
“हिंदी है सरल सहज भाषा”“सब लोगों के मन को भाती है”लेकिन ना जानें क्यों कुछ समय से ये लुप्त होती जाती हैघर में रहते हैं [Read More]
पेड़ धूप में छायां देते हैंवैसे हर हाल में छायां देती है मांमैंने दिनभर में कुछ खाया या नहीं खायामेरे चेहरे से बता देती है [Read More]
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