बहन की रक्षा के सूत्र की प्यारी राखी आज हर भाई की कलाई पर बँधेगी। रक्षा बंधन के इस पावन अवसर पर विश्वास की यह डोर रंग-बिरंगे मोतियों से सजेगी।

इसी डोर को यदि शुभ मुहुर्त में बहन अपने भाई की कलाई पर बाँधेगी तो विश्वास की यह अद्भुत डोर और भी मजबूती से रिश्ते को जोड़ेगा।

बात अगर इस साल के रक्षा बंधन की करें तो बता दें रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार अद्भुत योगों से सजा है। भद्रा का साया राखी के पवित्र सूत्र पर ना पड़े, इस बात का ध्यान रखते हुए भाईयों की कलाई पर बहन के प्यार की राखी होती है।

वहीं इस रक्षा बंधन में खास बात यह है कि भद्रा का कोई योग ही नहीं बन रहा। यानि बहनें अपने भाई को अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी राखी बाँध सकती हैं। भद्रा के विषय में माना जाता है कि वह सूर्य की क्रूर स्वभाव वाली पुत्री है। भद्रा के योग में भाई की कलाई पर राखी बाँधना भारतीय शास्त्रों में अशुभ माना जाता है।

इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने कालगणना और पंचाग में भद्रा को विशेष स्थान दिया है। इसी के साथ यह बात भी जोड़ी की भद्रा के काल में शुभ कार्य निषिद्ध हैं। आज़ादी के साथ मनाए जा रहे इस पावन पर्व रक्षाबंधन में पहली बार ऐसा होगा कि शुभ मुहूर्त 12 घंटे तक रहेगा।

यानि देश भर में आज बहनों की अपने भाईयों के लिए मंगल कामना वाले इस सूत्र का योग लगभग सारे दिन ही रहेगा। लेकिन पूरे दिन भी कुछ ऐसे शुभ मुहुर्त ज़रूर बन रहे हैं जब भाई के हाथ में कलाई बाँधना अत्यंत शुभ माना जाएगा। ज्योतिष के अनुसार आइए जानते हैं क्या होंगे शुभ मुहुर्तः

आज के दिन अमृत चौघड़िया मुहुर्त में राखी बाँधना सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। अमृत मुहुर्त का समय आज के दिन दोपहर 3 बजे से 3:41 बजे के बीच तथा शाम 6:57 से रात 8:19 तक रहेगा।

इसके अलावा सबसे जरूरी बात यह है कि आज के दिन भद्रा का अशुभ योग तो नहीं लेकिन राहु का योग जरूर बन रहा है। आज दिन में लगभग डेढ़ घंटे तक राहु का योग बनेगा। यह समय दोपहर 1:30 से 15:00 राहुकाल होगा। इस समय भाई की कलाई पर ऱाखी बाँधने से बचें।
नोंक-झोंक और खट्टी-मीठी तकरार का यह रिश्ता पवित्र बंधन के सूत्र में आज सजेगा। अगर आज बहनें अपने भाईयों को उनका मनपसंद गिफ्ट जरूर दें। वहीं नकचढ़े भाई भी अगर अपनी प्यारी बहन को उसकी पसंद की कोई चॉकलेट या ड्रेस दिलाते हैं तो इससे भाई-बहन के प्यार में मिठास घुलेगी।