
जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने अपनी जड़े जमा ली हैं. कोरोना की वजह से हजारों लोगों की जानें भी जा चुकी है. अगले दो सप्ताह में कोरोना वायरस का प्रकोप और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इस खतरे को देखते हुए अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए आपातकाल में मलेरिया की दो दवाओं के सीमित प्रयोग को मंजूरी दे दी है.बता दें कि कोरोना वायरस की अभी तक कोई दवाई या वैक्सीन नहीं बन हो पायी है।
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मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दो दवाओं को महत्त्वपूर्ण बदलाव लाने वाला कहा था. रविवार को प्रकाशित एक बयान में, अमेरिका स्वास्थ्य एवं मानवीय सेवा मंत्रालय ने राष्ट्रीय संचय में दिए गए क्लोरोक्विन और हाइड्रोक्लोरोक्विन समेत अन्य दवाओं के हालिया दान की विस्तृत जानकारी दी. जंहा इस बात का पता चला है कि इन दवाओं के कोविड-19 मरीजों के इलाज में जांच हो रही है.

वहीं मंत्रालय ने बताया कि एफडीए ने इन्हें ‘ वितरित करने और डॉक्टरों द्वारा अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के किशोर एवं वयस्क मरीजों के लिए लिखे जाने को उचित बताया है, ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ये दोनों दवाइयां ही लोगों की जानें बचा सकती हैं