Love Poetry: रिश्तों का आईना
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
बरसों से नहीं देखा मैनें रिश्तों का आईनाये आईना टूट जाता है, ये आईना चिटक जाता हैकभी देखते ही देखते हाथों से छूट जाता है।। [Read More]
पंख लगा लो उड़ जाओ फिर से गगन मेंशायद मिल जाये उम्मींद भरी किरनशायद मिल जाये फिर से चलने की उमंग।। आसान कुछ भी नहीं [Read More]
हसी -खुशी का पाठ पढ़ाते चलोजीवनमें सभी को अपना बनाते चलो।राहों में आए अगर मुश्किलेंतो भी मुस्कुराहट के साथ कदम बढ़ाते चलो।। सोचो मत तुम [Read More]
Copyright © 2026 | WordPress Theme by MH Themes