एक गुनाह हर बार कर लेता हूं
हर शख़्स पर एतबार कर लेता हूं
भूल जाता हूं कि हर शख़्स सच्चा और अच्छा नहीं होता
फिर भी उस पर विश्वास कर लेता हूं।।
कीमत वो क्या जाने शब्दों कि जिसे शब्दों का ज्ञान न हो
कीमत वो क्या जाने इंसानियत की जिसके दिल में इंसान न हो।।
कीमत वो क्या जाने रिश्तों की, जिसने रिश्ते निभाने कभी सीखे नहीं
कीमत वो क्या जाने सही -गलत की, जिसने कभी सही-गलत में फर्क़ समझा न हो।।
Writer- Kalpana Chauhan